“रावण बुरा था फिर भी शिवजी उसकी भक्ति क्यों स्वीकार करते थे?”

Ravana performing penance and worshipping Lord Shiva in a divine forest

“रावण बुरा था फिर भी शिवजी उसकी भक्ति क्यों स्वीकार करते थे?” रामायण का नाम आते ही एक बात हर किसी के मन में उभरती है—राम अच्छे थे, रावण बुरा था।लेकिन इस सरल-सी दिखने वाली रेखा के पीछे कई परतें छिपी हैं।क्योंकि यदि रावण इतना बुरा था, तो फिर भगवान शिव उसकी भक्ति को क्यों …

काली माता की उपासना अमावस्या के दिन ही क्यों की जाती है?”

Dark night with divine aura symbolizing Kali Mata worship on Amavasya

काली माता की उपासना अमावस्या के दिन ही क्यों की जाती है?” अमावस्या, यानी वह रात्रि जब चंद्रमा पूर्ण रूप से अदृश्य हो जाता है… आकाश काला हो जाता है, दिशाएँ शांत हो जाती हैं और वातावरण में एक रहस्यमयी ऊर्जा फैल जाती है। भारतीय सनातन परंपरा में अमावस्या केवल तिथि नहीं, बल्कि एक ऊर्जा-चक्र …

क्या आत्मा जन्म लेने से पहले अपना परिवार चुनती है? – गरुड़ पुराण के अनुसार आध्यात्मिक रहस्य

“आत्मा जन्म लेने से पहले परिवार चुनती है – गरुड़ पुराण के अनुसार आध्यात्मिक यात्रा”

क्या आत्मा जन्म लेने से पहले अपना परिवार चुनती है? – गरुड़ पुराण के अनुसार आध्यात्मिक रहस्य हिंदी आध्यात्मिक ग्रंथों में “जन्म-मृत्यु का चक्र” हमेशा से गहन रहस्य रहा है। मनुष्यों के मन में एक प्रश्न बार-बार उठता है—“क्या आत्मा जन्म लेने से पहले यह तय करती है कि उसे किस परिवार में जन्म लेना …

25 नवंबर – विवाह पंचमी: भगवान श्रीराम–सीता विवाह का दिव्य और प्रेरणादायी पर्व

“Ram Sita Vivah Panchami celebration with divine wedding scene on 25 November”

25 नवंबर – विवाह पंचमी: भगवान श्रीराम–सीता विवाह का दिव्य और प्रेरणादायी पर्व भारत की सांस्कृतिक धरोहर में ऐसे कई पर्व हैं जो केवल उत्सव नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाते हैं। ऐसा ही एक अत्यंत पावन तिथि है – विवाह पंचमी, जो इस वर्ष 25 नवंबर को मनाई जा रही है। यह वह …

The 350th Shaheedi Diwas of Shri Guru Tegbahadur Ji – A Sacred Nagar Kirtan Journey from Faridkot to Amritsar”

Large Sikh Nagar Kirtan procession with Panj Pyare leading and a decorated Palki Sahib during Guru Taj Bahadur Ji’s 350th Shaheedi Diwas.”

The 350th Shaheedi Diwas of Shri Guru Tegbahadur Ji – A Sacred Nagar Kirtan Journey from Faridkot to Amritsar” A Divine Journey Begins Punjab once again prepares to witness a deeply spiritual and historic moment—the 350th Shaheedi Diwas of Shri Guru Tegbahadur Ji, honored with a grand Nagar Kirtan beginning from Faridkot, passing through Moga, …

गुरुतेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस – फरीदकोट से अमृतसर तक श्रद्धा, सेवा और वीरता का पवित्र नगर कीर्तन”

Large Sikh Nagar Kirtan procession with Panj Pyare leading and a decorated Palki Sahib during Guru Taj Bahadur Ji’s 350th Shaheedi Diwas.”

गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस – फरीदकोट से अमृतसर तक श्रद्धा, सेवा और वीरता का पवित्र नगर कीर्तन” एक दिव्य यात्रा की शुरुआत श्री गुरु तेग बहादुर जी, जिन्हें पूरा संसार हिन्द–दी–चादर के नाम से जानता है, उनका शहीदी दिवस केवल इतिहास का अध्याय नहीं बल्कि मानवता की रक्षा का वह उज्ज्वल …

मंदिर के शिखर पर लगे ‘ध्वज’ का असली अर्थ — आध्यात्मिक, वैज्ञानिक और पारंपरिक रहस्य

मंदिर के शिखर पर लगा हुआ केसरिया ध्वज हवा में लहराते हुए

मंदिर के शिखर पर लगे ‘ध्वज’ का असली अर्थ — आध्यात्मिक, वैज्ञानिक और पारंपरिक रहस्य भारत में मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि ऊर्जा, आध्यात्मिक शक्ति और दिव्यता का केंद्र हैं। मंदिर के हर हिस्से का अपना एक गहरा महत्व है — चाहे वह गर्भगृह हो, घंटा हो, दीपक हो, या फिर मंदिर के …

नेपाल का रहस्यमयी गुप्त धाम — जहाँ धरती के भीतर से सुनाई देती है जल-धारा में शिव का स्व

नेपाल में धरती के नीचे स्थित रहस्यमयी शिव गुफा जहाँ जल-धारा की ध्वनि सुनाई देती है

नेपाल का रहस्यमयी गुप्त धाम — जहाँ धरती के भीतर से सुनाई देती है जल-धारा में शिव का स्व भूमिका: नेपाल की धरती पर छिपा एक अनसुना रहस्य नेपाल हमेशा से हिमालय का वह मौन साधक रहा है, जहाँ हर पर्वत, हर घाटी और हर मार्ग में शिव का स्पंदन महसूस किया जाता है। लेकिन …

“अमृतसर – स्वर्ण नगरी का दिव्य इतिहास और अनकही कहानियाँ”

सुबह के समय अमृतसर का स्वर्ण मंदिर चमकता हुआ

“अमृतसर – स्वर्ण नगरी का दिव्य इतिहास और अनकही कहानियाँ” स्वर्ण नगरी का दिव्य इतिहास  अमृतसर… यह नाम सुनते ही मन में स्वर्ण मंदिर का दिव्य प्रकाश, गुरुओं की पवित्र वाणी और पंजाब की मिट्टी का सुगंध भरा साहस जाग उठता है। यह सिर्फ पंजाब का एक शहर नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक धड़कन है। …

“क्या सच में कलियुग में भगवान के दर्शन होते हैं? वो रहस्य जिसे जानकर आपका दिल काँप उठेगा!”

“ध्यान में बैठे व्यक्ति पर दिव्य प्रकाश का उतरना – कलियुग में भगवान के दर्शन का प्रतीक।”

“क्या सच में कलियुग में भगवान के दर्शन होते हैं? वो रहस्य जिसे जानकर आपका दिल काँप उठेगा!” वो सवाल जो हर इंसान के दिल को चीर देता है हम सबके मन में एक सवाल अक्सर उठता है—“क्या आज के समय में, कलियुग में, वास्तव में भगवान के दर्शन हो सकते हैं?”ये सवाल सिर्फ एक …

क्या आपको पता है कलियुग में अब कितना समय बचा है?

कलियुग में कितना समय बचा है — प्राचीन शास्त्रों के अनुसार समय चक्र का चित्र

क्या आपको पता है कलियुग में अब कितना समय बचा है? कभी आपने सोचा है…यह दुनिया कितने समय तक ऐसे ही चलती रहेगी?क्या कलियुग बस यूँ ही चलता रहेगा, या इसका अंत भी तय है?पुरानी भविष्यवाणियों, शास्त्रों के संकेत, विभिन्‍न पुराणों की गाथाएँ…सभी एक ही बात कहती हैं— कलियुग की घड़ी तेज़ी से चल रही …

“भैरव के वाहन से जुड़े इस भ्रम को जानिए — क्या कुत्ता रखने वाला घर अशुद्ध होता है?”

भगवान भैरव और काले कुत्ते की छवि जो निष्ठा और भक्ति का प्रतीक है

“भैरव के वाहन से जुड़े इस भ्रम को जानिए — क्या कुत्ता रखने वाला घर अशुद्ध होता है?” कई लोगों का मानना है कि जिस घर में कुत्ता रहता है, वहाँ भगवान प्रसाद स्वीकार नहीं करते।पर क्या यह सच है या केवल एक भ्रम?जानिए भगवान भैरव, कुत्ते और इस मान्यता के पीछे छिपी सच्चाई। हिंदू …