भक्ति क्या है? एक आत्मिक यात्रा की शुरुआत

भक्ति क्या है? एक आत्मिक यात्रा की शुरुआत

भक्ति क्या है? एक आत्मिक यात्रा की शुरुआत भक्ति — यह केवल भगवान के प्रति प्रेम नहीं, बल्कि आत्मा की वह गहराई है जहाँ व्यक्ति स्वयं को ईश्वर में विलीन कर देता है। जब मनुष्य सांसारिक इच्छाओं से मुक्त होकर ईश्वर के चरणों में समर्पित हो जाता है, वही क्षण भक्ति की शुरुआत होती है।भक्ति …

“जब भगवान शिव ने भूकंप के पीछे छिपे सत्य को प्रकट किया”

"जब भगवान शिव ने भूकंप के पीछे छिपे सत्य को प्रकट किया"

“जब भगवान शिव ने भूकंप के पीछे छिपे सत्य को प्रकट किया” प्राचीन काल की बात है। हिमालय की गोद में स्थित कैलाश पर्वत — जहाँ स्वयं भगवान शिव ध्यानमग्न रहते हैं। वहां की शांति अपूर्व थी। ऋषि-मुनि, सिद्ध, और देवता तक वहाँ तपस्या करने आते, परंतु शिव के धैर्य और ध्यान में कोई विघ्न …

हरि नाम की महिमा क्यों केवल नाम ही काफी है?

हरि नाम की महिमा

हरि नाम की महिमा  क्यों केवल नाम ही काफी है? कहा गया है —“कलियुग केवल नाम अधारा, सुमिरि सुमिरि नर उतरे पारा।”अर्थात इस कलियुग में केवल भगवान का नाम ही ऐसा सहारा है, जो मनुष्य को संसार के पार ले जा सकता है।हरि नाम, यानी भगवान विष्णु, श्रीराम या श्रीकृष्ण के पवित्र नाम का जप …

एक साधक की राम भक्ति ने कैसे उसकी ज़िंदगी बदल दी

एक साधक की राम भक्ति ने कैसे उसकी ज़िंदगी बदल दी

एक साधक की राम भक्ति ने कैसे उसकी ज़िंदगी बदल दी कहते हैं, जब भगवान राम के नाम से जुड़ जाती है किसी आत्मा की पुकार, तो उसका जीवन साधारण नहीं रह जाता यह कहानी है एक ऐसे साधक की, जिसने भक्ति के मार्ग पर चलकर न केवल अपनी किस्मत, बल्कि अपने पूरे अस्तित्व को …

“समुद्र में डूबी द्वारका आखिरकार मिल ही गई भगवान श्रीकृष्ण की नगरी!

"समुद्र में डूबी द्वारका – आखिरकार मिल ही गई भगवान श्रीकृष्ण की नगरी!

“समुद्र में डूबी द्वारका – आखिरकार मिल ही गई भगवान श्रीकृष्ण की नगरी! क्या आपने कभी सोचा है… वो नगरी जो स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने बसाई थी… क्या वह सचमुच अस्तित्व में थी? क्या द्वारका, समुद्र की गहराइयों में लुप्त हो चुकी एक दिव्य नगरी है… या ये सिर्फ एक पौराणिक कथा थी? लेकिन अब… …

बैसाखी: खुशहाली, आस्था और एकता का पर्व

बैसाखी: खुशहाली, आस्था और एकता का पर्व

बैसाखी: खुशहाली, आस्था और एकता का पर्व बैसाखी का कृषि महत्व बैसाखी: खुशहाली, आस्था और एकता का पर्व भारत त्योहारों की भूमि है। यहाँ हर मौसम, हर फसल, हर परंपरा में उत्सव की झंकार सुनाई देती है। इन्हीं पर्वों में से एक है — बैसाखी, जो खुशहाली, आस्था और एकता का प्रतीक माना जाता है।बैसाखी …

“क्या होता है मरने के बाद? क्यों नहीं छोड़ते मृत शरीर को अकेला ?

क्या होता है मरने के बाद?

“क्या होता है मरने के बाद? क्यों नहीं छोड़ते मृत शरीर को अकेला ? क्या होता है मरने के बाद? यह सवाल हर इंसान के मन में कभी न कभी ज़रूर उठता है मरने के बाद क्या होता है? क्या आत्मा बस मिट जाती है?या फिर वो किसी और दुनिया में चली जाती है? “जब …

शिव जी और भस्मासुर की रहस्यमयी कथा | शिवपुराण की प्रसिद्ध कहानी

शिव जी और भस्मासुर की रहस्यमयी कथा | शिवपुराण की प्रसिद्ध कहानी

शिव जी और भस्मासुर की रहस्यमयी कथा | शिवपुराण की प्रसिद्ध कहानी     शिवपुराण की कथाएँ न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि वे मानव स्वभाव, भक्ति और अहंकार के परिणामों की गहराई को भी दर्शाती हैं। ऐसी ही एक अद्भुत कथा है — शिव जी और भस्मासुर की रहस्यमयी कहानी, जो इस …

केदारनाथ का सच – 400 साल बर्फ़ में दबा मंदिर

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केदारनाथ का सच – 400 साल बर्फ़ में दबा मंदिर उत्तराखंड की ऊँचाईयों में स्थित केदारनाथ मंदिर,ना केवल आस्था का प्रतीक है,बल्कि यह चमत्कारों और रहस्यों से भरा एक अद्भुत स्थल भी है। इतिहासकारों और वैज्ञानिकों के अनुसार, 17वीं शताब्दी में हिमालय क्षेत्र में भारी हिमपात और जलवायु परिवर्तन के कारण,पूरा इलाका बर्फ़ से ढक …

4 अप्रैल 2025 का राशिफल (दैनिक राशिफल

4 अप्रैल 2025 का राशिफल (दैनिक राशिफल

                                    4 अप्रैल 2025 का राशिफल (दैनिक राशिफल https://bhakti.org.in/4-april-2025-ka-rashifal/ आज का दिन मिश्रित परिणाम देने वाला रहेगा। कुछ राशियों के लिए यह दिन उन्नति का मार्ग खोलेगा, तो कुछ के लिए संयम और धैर्य की परीक्षा लेगा। आइए …

दैनिक राशिफल – 3 अप्रैल 2025

दैनिक राशिफल – 3 अप्रैल 2025

  दैनिक राशिफल – 3 अप्रैल 2025https://bhakti.org.in/दैनिक-राशिफल-3-अप्रैल-2025/ मेष (Aries) आज का दिन आपके लिए शुभ रहेगा। कामकाज में उन्नति होगी और नए अवसर मिल सकते हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। वृषभ (Taurus) आज आपका दिन मिश्रित रहेगा। आर्थिक मामलों में सतर्कता बरतें। किसी से अनावश्यक विवाद न करें। पारिवारिक जीवन …