April 2025

गरुड़ पुराण के अनुसार आत्महत्या के परिणाम:

गरुड़ पुराण के अनुसार आत्महत्या के परिणाम:

गरुड़ पुराण के अनुसार आत्महत्या के परिणाम: 1. भयानक नरक में पतन:जो व्यक्ति आत्महत्या करता है, उसे मृत्यु के बाद सीधे नरक की यातनाएँ सहनी पड़ती हैं। उसे अन्धतमिस्र, रौरव, या महाराौरव जैसे अत्यंत पीड़ादायक नरकों में भेजा जाता है 2. बार-बार वही मृत्यु सहना:आत्महत्या करने वाला जीव अगले जन्मों में भी उसी प्रकार की […]

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माँ कामाख्या देवी: अद्भुत शक्ति का रहस्यमयी धाम

माँ कामाख्या देवी: अद्भुत शक्ति का रहस्यमयी धाम

माँ कामाख्या देवी: अद्भुत शक्ति का रहस्यमयी धाम https://bhakti.org.in/माँ-कामाख्या-देवी-अद्भुत/ ‎ भारत के उत्तर-पूर्वी प्रदेश असम के नीलांचल पर्वत पर स्थित है एक चमत्कारी शक्तिपीठ — माँ कामाख्या का मंदिर। यह स्थान केवल एक तीर्थ स्थल नहीं, बल्कि शक्ति, साधना और रहस्य का जीवित प्रमाण है। माँ कामाख्या, आदि शक्ति सती का ही वह स्वरूप हैं,

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भक्ति क्या है? एक आत्मिक यात्रा की शुरुआत

भक्ति क्या है? एक आत्मिक यात्रा की शुरुआत

भक्ति क्या है? एक आत्मिक यात्रा की शुरुआत जब मनुष्य जीवन के झंझावातों से थककर शांति की खोज करता है, तो वह भक्ति की ओर बढ़ता है। भक्ति केवल एक भावना नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा के बीच का प्रेममय सेतु है। यह वह राह है जहाँ अहंकार समाप्त होता है और समर्पण आरंभ होता

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"जब भगवान शिव ने भूकंप के पीछे छिपे सत्य को प्रकट किया"

“जब भगवान शिव ने भूकंप के पीछे छिपे सत्य को प्रकट किया”

“जब भगवान शिव ने भूकंप के पीछे छिपे सत्य को प्रकट किया” प्राचीन काल की बात है। हिमालय की गोद में स्थित कैलाश पर्वत — जहाँ स्वयं भगवान शिव ध्यानमग्न रहते हैं। वहां की शांति अपूर्व थी। ऋषि-मुनि, सिद्ध, और देवता तक वहाँ तपस्या करने आते, परंतु शिव के धैर्य और ध्यान में कोई विघ्न

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हरि नाम की महिमा – क्यों केवल नाम ही काफी है?

हरि नाम की महिमा – क्यों केवल नाम ही काफी है?

हरि नाम की महिमा – क्यों केवल नाम ही काफी है? https://bhakti.org.in/हरि-नाम-की-महिमा-क्यों-के/ “जब जीवन में सब कुछ छिन जाए, तब केवल भगवान का नाम ही ऐसा होता है जो कभी साथ नहीं छोड़ता।”हरि नाम  यह केवल दो-चार अक्षरों का उच्चारण नहीं, बल्कि ब्रह्मांड की सबसे पवित्र ध्वनि है। एक ऐसा नाम जो आत्मा को अंधकार

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एक साधक की राम भक्ति ने कैसे उसकी ज़िंदगी बदल दी

एक साधक की राम भक्ति ने कैसे उसकी ज़िंदगी बदल दी

एक साधक की राम भक्ति ने कैसे उसकी ज़िंदगी बदल दी जीवन जब दिशाहीन हो जाए, तब केवल एक नाम सहारा बनता है — राम। यह कहानी है एक ऐसे साधक की, जिसकी ज़िंदगी भटकाव, पीड़ा और अंधेरे से भरी हुई थी। पर एक दिन राम नाम उसके जीवन का दीपक बन गया। भटकते हुए

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"समुद्र में डूबी द्वारका – आखिरकार मिल ही गई भगवान श्रीकृष्ण की नगरी!

“समुद्र में डूबी द्वारका – आखिरकार मिल ही गई भगवान श्रीकृष्ण की नगरी!

“समुद्र में डूबी द्वारका – आखिरकार मिल ही गई भगवान श्रीकृष्ण की नगरी! क्या आपने कभी सोचा है… वो नगरी जो स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने बसाई थी… क्या वह सचमुच अस्तित्व में थी? क्या द्वारका, समुद्र की गहराइयों में लुप्त हो चुकी एक दिव्य नगरी है… या ये सिर्फ एक पौराणिक कथा थी? लेकिन अब…

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बैसाखी: खुशहाली, आस्था और एकता का पर्व

बैसाखी: खुशहाली, आस्था और एकता का पर्व

बैसाखी: खुशहाली, आस्था और एकता का पर्व बैसाखी का कृषि महत्व बैसाखी का पर्व किसानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह नए फसलों की कटाई का समय होता है। इस दिन किसानों को अपनी मेहनत का फल मिलता है और वे अपनी फसलों की खुशहाली के लिए भगवान का धन्यवाद करते हैं। विशेष रूप

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“क्या होता है मरने के बाद? क्यों नहीं छोड़ते मृत शरीर को अकेला ?

“क्या होता है मरने के बाद? क्यों नहीं छोड़ते मृत शरीर को अकेला ? https://bhakti.org.in/क्या-होता-है-मरने-के-बाद-क्/ “जब कोई अपना हमें छोड़कर चला जाता है, तो एक परंपरा हम सभी निभाते हैं — सारी रात उसके पार्थिव शरीर के पास बैठना। पर क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों किया जाता है?” “हिन्दू परंपराओं के अनुसार,

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